August 11, 2026

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ग्रीन एनर्जी में बड़ी डील : ReNew से ₹48.6 अरब के सोलर एसेट्स खरीदेगी CESC

Udaan Desk. भारत में ग्रीन एनर्जी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और बड़ी पावर कंपनियां अब अपने रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए नए प्रोजेक्ट्स के साथ तैयार सोलर एसेट्स भी खरीद रही हैं। इसी दिशा में आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप की CESC लिमिटेड ने एक बड़ी डील की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ReNew Solar Power से राजस्थान और कर्नाटक में मौजूद सोलर एसेट्स खरीदेगी।

₹48.6 अरब की एंटरप्राइज वैल्यू पर होगी डील

ब्लूमबर्ग के मुताबिक CESC की रिन्यूएबल एनर्जी यूनिट Purvah Green Power Pvt. राजस्थान और कर्नाटक में ReNew Solar Power Pvt. के सोलर एसेट्स खरीदेगी। इन एसेट्स की कुल एंटरप्राइज वैल्यू ₹48.6 अरब यानी करीब 509 मिलियन डॉलर रखी गई है। Purvah Green इन एसेट्स के लिए ₹15.8 अरब कैश में भुगतान करेगी। कंपनी को उम्मीद है कि यह ट्रांजैक्शन 31 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।

1.4 गीगावॉट-पीक बढ़ जाएगी सोलर क्षमता

इस खरीद से Purvah Green Power के पोर्टफोलियो में करीब 1.4 गीगावॉट-पीक की अतिरिक्त सोलर क्षमता जुड़ जाएगी। कंपनी के बयान के मुताबिक इन प्रोजेक्ट्स से पैदा होने वाली अनुमानित बिजली का 90% से ज्यादा हिस्सा Solar Energy Corporation of India यानी SECI के साथ लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट के तहत पहले से कॉन्ट्रैक्टेड है। बाकी बिजली कर्नाटक की अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को दी जाएगी।

दो साल में 10 गीगावॉट रिन्यूएबल पोर्टफोलियो का टारगेट

CESC की यह खरीद ग्रुप के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को तेजी से बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। ग्रुप ने अगले दो साल में अपने रिन्यूएबल पोर्टफोलियो को 10 गीगावॉट तक पहुंचाने का टारगेट रखा है। इस ट्रांजैक्शन से पहले Purvah Green के पास 3.4 गीगावॉट-पीक की कॉन्ट्रैक्टेड क्षमता थी। इसके अलावा कंपनी की 2.2 गीगावॉट-आवर बैटरी क्षमता भी अभी इम्प्लीमेंटेशन के स्टेज में है।

ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के साथ आगे भी होंगी खरीदारी

CESC के वाइस चेयरमैन शाश्वत गोयनका ने कहा कि यह डील कंपनी को ऐसे एसेट्स के जरिए तेजी से ग्रोथ करने में मदद करेगी, जो पहले से कमर्शियली वायबल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रुप का फोकस ग्रीनफील्ड एक्सपैंशन पर बना रहेगा, लेकिन जहां अच्छे मौके मिलेंगे वहां आगे भी एक्विजिशन किए जाएंगे। यह विस्तार भारत के 2030 तक 500 गीगावॉट क्लीन एनर्जी इंस्टॉलेशन के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ भी जुड़ा हुआ है।

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